/Sharmaji Namkeen Trailer Review: हंसते खेलते अपनी कहानी से शर्माजी छू लेंगे आपका दिल
Sharmaji Namkeen Trailer Review: हंसते खेलते अपनी कहानी से शर्माजी छू लेंगे आपका दिल

Sharmaji Namkeen Trailer Review: हंसते खेलते अपनी कहानी से शर्माजी छू लेंगे आपका दिल

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बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया हैं। इस फिल्म के लिए दर्शकों में काफी एक्ससाइटमेंट हियँ। और अब फाइनली फिल्म का ट्रेलर दर्शकों के सामने आ चूका हैं। ‘शर्माजी नमकीन’ फिल्म में बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार जूही चावला, सुहैल नय्यर, तारुक रैना, सतीश कौशिक, शीबा चड्ढा और ईशा तलवार के साथ परेश रावल और दिवंगत ऋषि कपूर नजर आएंगे। आपको बता दे कि इस फिल्म की खास बात यह हैं की हिंदी सिनेमा में पहली बार होगा की एक फिल्म में एक किरदार के लिए दो कलाकार हैं।

बता दे कि फिल्म Sharmaji Namkeen में दो दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर और परेश रावल एक ही किरदार निभा रहे हैं। शर्माजी नमकीन का यह ट्रेलर मसालेदार और ढेर सारे प्यार से भरपूर हैं। यह एक ऐसे शख्श की कहानी हैं जो अपनी रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करते है। जो खुद को व्यस्त रखने और अकेलेपन से दूर रहने के लिए कोई भी छोटा मोटा काम करने को तैयार है। इस तरह एक बहुत ही मजेदार टॉपिक पर फिल्म को बनाया गया है।  

Sharmaji Namkeen Trailer Out! Late Rishi Kapoor Is Set To Sprinkle His  Magic On Screen Alongside Juhi Chawla For One Last Time

शर्माजी नमकीन फिल्म को डायरेक्टर हितेश भाटिया ने डायरेक्ट किया हैं। वही मैकगुफिन पिक्चर्स के हनी त्रेहन और अभिषेक चौबे के सहयोग से एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा निर्मित ‘शर्माजी नमकीन’ का 31 मार्च को दुनिया भर के 240 देशों और क्षेत्रों में प्राइम वीडियो पर प्रीमियर होगा।  

Sharmaji Namkeen' trailer: Rishi Kapoor's swansong promises emotional  rollercoaster ride with laughter, tears

शर्माजी नमकीन फिल्म की कहानी की बात करें इस फिल्म में बी.जी.शर्मा 58 वर्षीय विदुर हैं। शर्माजी जिस कंपनी के लिए वह काम कर रहे होते हैं अचानक एक दिन वह उसे नौकरी से निकाल देती है। ऐसे में शर्माजी की जिंदगी मानो थम सी जाती है। ऐसे में शर्माजी रिटायरमेंट के बाद अपने जिंदगी के आगे क्या होगा इसके लिए संघर्ष करते हैं। वह प्रासंगिक बने रहने के तरीके ढूंढ़ते रहते हैं, लेकिन वह हमेशा अपने बेटों के रास्ते में आते हैं। लेकिन अचानक एक दिन शर्माजी का खुशमिजाज महिलाओं के ग्रुप से संपर्क होता हैं। ऐसे में किट्टी पार्टी के दौरान महिलाएं शर्माजी की भावनावों को फिर से जगाती हैं, खाना पकाने का जुनून और आत्मविश्वास उन्हें एक नई जिन्दगी खोजने में मदद करता है।