महिला सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में दशकों से लगातार काम करती आ रही एनजीओ मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और संस्थापक समाजसेविका स्मिता ठाकरे ने वंचित बच्चों को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयास में, स्कूलों में मुक्ति कल्चरल हब की घोषणा की है. यह एक ऐसी निःशुल्क पहल है जो स्लम के वंचित बच्चों के लिए नृत्य, नाटक और अभिनय के वर्कशाप प्रदान करती है।

अनुपम खेर के एक्टर प्रिपेयर्स के सहयोग से यह कार्यक्रम कुशल प्रोफेशनल्स द्वारा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास, बातचीत में कौशल, रचनात्मकता, अनुशासन और नेतृत्व के गुणों का विकास होगा। इसके लिए चयन स्कूल स्तर पर होगा, प्रतिभा को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह घोषणा मुक्ति फाउंडेशन के चल रहे भोजन दान अभियान, “आओ भूख मिटाएं” के साथ हुई, मुंबई के ताराबेन मास्टर स्कूल में श्रीमती स्मिता ठाकरे ने उन प्रतिभाशाली बच्चों के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट कार्यक्रमों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जो प्रशिक्षण का खर्च नहीं उठा सकते।
उन्होंने हमारे देश की संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए मुक्ति कल्चरल हब की शुरुआत की है. परफार्मिंग आर्ट में हुनरमंद छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मिता ठाकरे ने यह मुहिम शुरू की है.
बाला साहब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने इस अवसर पर बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा कि पढ़ाई तो आप रोज करते हो लेकिन पढ़ाई के साथ आपके हुनर को दुनिया के सामने लाने के लिए मुक्ति कल्चरल हब आगे आया है. डांस, म्यूजिक, गायकी या एक्टिंग में अगर आपको रुचि है तो आप बेझिझक अपना हुनर दिखाये, आप शर्म न करें, अपने अंदर आत्मविश्वास बढ़ाएं. हजारों लोगों के सामने भी अपनी कला का प्रदर्शन खुलकर करें. जीवन मे अपने मन की सुनें और दिल से करें. यह सफ़लता की पहली सीढ़ी है. आपको मंत्र देती हूं कि आप अपने अंदर के कलाकार को बाहर निकाले. आपके साथ टीचर्स जुड़ेंगे, जो आपको निखारने में मदद करेंगे. पर्सनालिटी डेवलपमेंट जरूरी है. आत्मविश्वास के साथ चलें, बात करें और अपने मुकाम पर नजर रखे. फिल्म इंडस्ट्री आपको मौका देगी अगर आप में हुनर मौजूद है.”
प्रोड्यूसर स्मिता ठाकरे ने कहा कि हमने यह मुहिम प्री स्कूल से शुरू की है. पेट में खाना जाने के बाद इंसान का हुनर बाहर आता है इसलिए मुक्ति फाउंडेशन “आओ भूख मिटाएँ” अभियान चला रही है. मुक्ति कल्चरल हब के माध्यम से स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों को आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है. फिल्म इंडस्ट्री के कई सीनियर ऐक्टर डायरेक्टर ने भी इस मुहिम से जुड़ने की बात कही है. अनुपम खेर को धन्यवाद देना चाहती हूँ जो हमारी पहल से जुड़े. उद्देश्य है कि स्लम के होनहार बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें फिल्म, नाटक और म्युज़िक वीडियो मे काम का मौका भी दिया जाए.”
श्रीमती स्मिता ठाकरे ने आगे कहा “प्रतिभा को सिर्फ अमीरों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। हर बच्चे को अपनी रचनात्मकता को निखारने के लिए समान अवसर मिलना चाहिए।”
मुक्ति फाउंडेशन की सार्थक पहलों मे टाइगर श्रॉफ, वरुण धवन और श्रद्धा कपूर जैसी मशहूर हस्तियों का साथ मिला है. मानव सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में दशको से काम कर रहीं स्मिता ठाकरे एक नेक दिल इंसान हैं। उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों के साथ ही मराठी फिल्मों को भी प्रोड्यूस किया है। टीवी इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर काम किया है। उनकी एनजीओ मुक्ति फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में पिछले 26 वर्षों से काम कर रही है।










